Maha Navami 2022 Bhog: महानवमी पर माता रानी को लगाएं हलवा-पूड़ी का भोग, ये है बनाने की विधि

नवरात्रि के नौ दिनों की पूजा का समापन लोग नवमी (mahanavami) तिथि को करते हैं। महानवमी (maha navami 2022) के दिन विधि-विधान से पूजा के साथ ही हवन (havan mantra) किया जाता है। इसके साथ ही देवी मां को भोग में हलवा-पूड़ी, खीर का भोग लगाया जाता है। साथ ही कन्या पूजन (kanya pujan) भी किया जाता है। जिसमे छोटी उम्र की कन्याओं को घर में बुलाकर उनके चरण स्पर्शकर भोजन करवाते हैं। अगर आप भी भोग में Halva और पूड़ी बनाने जा रहे हैं, तो आप दो तरह के हलवे बनाकर मैया को भोग में चढ़ा सकते हैं। तो चलिए जानें कौन से दो हलवे, जो फटाफट बनकर तैयार हो जाएंगे।

सूजी का हलवा

सूजी का हलवा बनाने के लिए आपको जरूरत होगी 4 कप सूजी, एक कप चीनी, इलायची पाउडर, बारीक कटे ड्राई फ्रूट्स, और देसी घी।

Maha Navami 2022 Suji halwa

सूजी का हलवा बनाने की विधि:- सूजी का हलवा बनाने के लिए सबसे पहले एक कड़ाही में देसी घी गर्म करें। जब घी गर्म हो जाए, तो सूजी को कड़ाही में डालकर धीमी आंच पर भूनें। इसे तब तक भूनें जबतक कि सूजी सुनहरे रंग की ना हो जाए। जब सूजी गोल्डन ब्राउन हो जाए, तो इसमें पानी डालें और चलाएं। इसे चलाते हुए सुखाएं। फिर चीनी डाल दें। चीनी के साथ ही बारीक कटे काजू, बादाम, मखाने भी डाल दें। अब इसे चलाते रहें। जब यह सूखने लगे, तो गैस बंद कर दें और इलायची पाउडर डाल दें। बस तैयार है, स्वादिष्ट सूजी का Halwa.

यह भी पढ़ें:- 9th Day Of Navratri: नवरात्रि के आखिरी दिन मां सिद्धिदात्री देंगी 9 दिनों की पूजा का फल, इस मंत्र को पढ़ने से हर मनोकामना पूरी होगी

आटे का हलवा

माता रानी (Maa Siddhidatri) को हलवा पूड़ी के भोग में आटे का हलवा भी चढ़ाया जाता है। आटे का हलवा बनाने के लिए आपको एक कप गेंहू का आटा, दो कप चीनी, तीन से चार बड़े चम्मच देसी घी की आवश्यकता होगी।

Maha Navami 2022

आटे का हलवा बनाने के लिए गैस पर कड़ाही को गर्म करें और उसमें देसी घी डालें। घी के गरम होने पर इसमें मैदा डाल कर धीमी आंच पर भून लीजिए। ठीक उसी तरह से जैसे सूजी को भूनते हैं। जब आटा सुनहरा होकर महकने लगे, तो उसमें चीनी डाल दें। साथ में पानी डालकर तेजी से चलाएं। जिससे की गांठ ना पड़े। बस तेज आंच पर चलाते हुए हलवे को तैयार करें और गैस बंद कर दें।

Maha Navami, Hawan Shubh Muhurat 4 October 2022

हवन साम्रगी-

आम की लकड़ियां, नीम, बेल, पलाश का पौधा, कलीगंज, देवदार की जड़, गूलर की छाल और पत्ती, पीपल की छाल और तना, बेर, आम की पत्ती और तना, चंदन का लकड़ी, तिल, कपूर, लौंग, चावल, ब्राह्मी, मुलैठी, अश्वगंधा की जड़, बहेड़ा का फल, हर्रे, घी, चीनी, जौ, लोभान, इलायची, गाय के गोबर से बने उपले, घी, नीरियल, लाल कपड़ा, कलावा, सुपारी, पान, बताशा, पूरी और खीर।

हवन विधि-

सबसे पहले हवन कुंड में अग्नि प्रज्ज्वलित करें। इसके बाद हवन साम्रगी गंध, धूप, दीप, पुष्प और नैवेद्य आदि अग्नि देव को अर्पित करें। फिर घी मिश्रित हवन सामग्री से या केवल घी से हवन किया जाता है।

आहुति मंत्र-

ओम पूर्णमद: पूर्णमिदम् पुर्णात पूण्य मुदच्यते, पुणस्य पूर्णमादाय पूर्णमेल विसिस्यते स्वाहा।
ओम भूः स्वाहा, इदमगन्ये इदं न मम।
ओम भुवः स्वाहा, इदं वायवे इदं न मम।
ओम स्वः स्वाहा, इदं सूर्याय इदं न मम।
ओम अगन्ये स्वाहा, इदमगन्ये इदं न मम।
ओम घन्वन्तरये स्वाहा, इदं धन्वन्तरये इदं न मम।
ओम विश्वेभ्योदेवभ्योः स्वाहा, इदं विश्वेभ्योदेवेभ्योइदं न मम।
ओम प्रजापतये स्वाहा, इदं प्रजापतये इदं न मम।
ओम अग्नये स्विष्टकृते स्वाहा, इदमग्नये स्विष्टकृते इदं न मम।

यह भी पढ़ें:-

300+ Best Small and Low Investment Business Ideas

How To Start Poultry Farming Business In India 2022

Leave a Comment