Happy Dussehra 2022: विजयादशमी, बुराई पर अच्छाई का प्रतीक दशहरा पर्व

Happy Dussehra Vijayadashami 2022 : दशहरा बुराई पर अच्छाई की जीत के रूप में मनाया जाने वाला त्योहार है। इस दिन सभी प्राणियों को बुरे कर्मों का त्याग करने का संकल्प लेना चाहिए। लंकाधिपति रावण को काम, क्रोध, लोभ और मोह का प्रतीक माना जाता है। भगवान श्री राम ने रावण का वध करके संसार को यह सन्देश दिया कि सभी बुराईयां मनुष्य के पतन का कारण हैं।

Happy Dussehra Vijayadashami 2022 :

विजयादशमी यानी दशहरा सभी मनोकामनाओं की पूर्ति और बुराई पर अच्छाई की जीत का पावन पर्व है। इस दिन भगवान श्रीराम ने रावण का वध करके संसार को उसके अत्याचार से मुक्ति दिलाई थी। भगवान श्री राम महानता की प्रतिमूर्ति हैं, एवं उनकी सभी लीलाएं मनुष्यों के लिए आदर्श का पर्याय मानी जाती हैं। हिंदू धर्म को मानने वाले लोगों किसी भी प्रकार के शुभ कार्य, धार्मिक अनुष्ठान, पूजा-पाठ, विवाह, गृह प्रवेश आदि करने के लिए शुभ मुहूर्त के बारे में अवश्य सोचना चाहिए।

शुभ मुहूर्त किसी भी नए कार्य के शुभारंभ या मांगलिक कार्य को शुरू करने का समय होता है, जिसके दौरान सभी ग्रह और नक्षत्र अच्छी स्थिति में होते हुए कर्त्ता को शुभ फल प्रदान करते हैं। लेकिन धार्मिक मान्यता के अनुसार, किसी भी शुभ कार्य को करने के लिए विजयादशमी (Vijayadashami 2022) का दिन सबसे अच्छा माना गया है। इस दिन बिना मुहूर्त निकाले कोई भी शुभ कार्य किया जा सकता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस दिन विभिन्न संस्कार युक्त कार्य जैसे बच्चे का नामकरण, अन्न प्राशन, मुंडन, कर्ण छेदन, यज्ञोपवीत, वेदारंभ, गृहप्रवेश, भूमि पूजन, नए व्यापार या दुकान का उद्घाटन नए वाहन या सामान की खरीद आदि कार्य बिना किसी शुभ मुहूर्त के किए जा सकते हैं।

Vijayadashami के दिन शमी पूजन का महत्व

नवरात्रि के नौ दिनों तक देवी भगवती के नौ स्वरूपों की पूजा-आराधना करने के बाद दशमी तिथि को विजयादशमी (Vijayadashami 2022) पर समस्त सिद्धियां प्राप्त करने के लिए पवित्र माने जाने वाले शमी वृक्ष और देवी अपराजिता के अलावा अस्त्र-शस्त्रों का भी पूजन किया जाता है। इस दिन नीलकंठ पक्षी का दर्शन करना भी बहुत शुभ माना जाता है। नीलकंठ पक्षी को भगवान शिव का प्रतिनिधि माना जाता है। रावण पर विजय पाने की इच्छा में श्रीराम ने पहले नीलकंठ के दर्शन किए थे।

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विजयदशमी (Vijayadashami 2022) पर नीलकंठ के दर्शन करने और भगवान शिव से शुभ फल की कामना करने से जीवन में भाग्योदय, धन-धान्य एवं सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। पौराणिक कथा के अनुसार पवन पुत्र हनुमानजी ने भी श्री रामजी की प्राणवल्ल्भा सीताजी को शमी के समान पवित्र कहा था, इसलिए ऐसी मान्यता है, कि इस दिन घर की पूर्व दिशा में या घर के मुख्य स्थान में शमी की टहनी प्रतिष्ठित करके उसका विधिपूर्वक पूजन करने से घर-परिवार में खुशहाली आती है। विवाहित महिलाएं अखंड सौभाग्यवती होती है। शनि ग्रह के अशुभ प्रभावों से मुक्ति मिलती है, और मनुष्य के सभी पाप और कष्ट समाप्त हो जाते हैं।

Vijayadashami के दिन बुराईयों का करें त्याग

दशहरा (Happy Dussehra) बुराई पर अच्छाई की जीत के रूप में मनाया जाने वाला पर्व है। इस दिन सभी प्राणियों को बुरे कर्मों का त्याग करने का संकल्प लेना चाहिए। लंकाधिपति रावण को काम, क्रोध, लोभ और मोह का प्रतीक माना जाता है।

भगवान श्री राम ने रावण का वध किया और संसार को यह सन्देश दिया कि मनुष्य के पतन का कारण सभी बुराइयां हैं। ज्ञानी-ध्यानी, धर्म परायण, परम शक्तिशाली और विद्वान होते हुए भी यदि किसी मनुष्य के भीतर इस तरह की बुराइयां मौजूद हैं, तो उसकी सारी योग्यताएं एवं अच्छाइयां व्यर्थ हैं। मनुष्य के बुरे कर्म ही उसके अंत का कारण बनते हैं, इसमें किसी को कोई संदेह नहीं होना चाहिए। सत्य और अच्छाई के मार्ग से कभी भी विचलित नहीं होना चाहिए।

Happy Dussehra Vijayadashami 2022 : हिंदू धर्म में दशहरा का विशेष महत्व होता है। इस दिन भगवान राम ने रावण का वध किया था और बुराई पर अच्छाई की जीत की थी। इसलिए इसे विजयदशमी भी कहा जाता है। इस साल दशहरा 5 अक्टूबर को मनाया जा रहा है। इस पावन दिन आप इन खूबसूरत संदेशों के जरिए, दशहरे की शुभकामनाएं दे सकते हैं। आगे पढ़ें दशहरा के शुभकामना संदेश…

खुशियों का त्यौहार,
प्यार की बौछार..
मिठाईयों की बहार,
इस दशहरे के शुभ दिन आपको मिले खुशियाँ हज़ार बार।
दशहरे की शुभकामनाएं..!

बुराइयों का नाश हो, सब का विकास हो।
रावण की तरह हर बुराई जले, उम्मीदों और विकास के फूल खिलें।
दशहरे की शुभकामनाएं..!

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